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भारत-अमेरिका के रिश्ते पिछले कुछ सालों में ज्यादा मजबूत हुए हैं: जेटली

नई दिल्ली/वॉशिंगटन. अमेरिकी दौरे पर गए अरुण जेटली ने कहा है कि भारत-यूएस के रिश्ते पिछले कुछ दशकों में ज्यादा मजबूत हुए हैं। जेटली ने यूएस में भारतीय एम्बेसडर नवतेज सरना की तरफ से ऑर्गनाइज रिसेप्शन में यह कहा।पिछले 3 साल के मुकाबले इस साल उम्मीद थोड़ी ज्यादा

- न्यूज एजेंसी के मुताबिक फाइनेंस मिनिस्टर जेटली ने शनिवार को कहा, भारत सरकार ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन के साथ आगे काम करना चाहती है और बाइलैट्रल रिलेशन को और मजबूत करना चाहती है। इस रिश्ते को दोनों ही देशों की जनता का सपोर्ट हासिल है। मुझे यकीन है कि अमेरिका के नए एडमिनिस्ट्रेशन के साथ कई क्षेत्रों में हमारे संबंध लगातार बेहतर होंगे।
- जेटली ने कहा, रिश्तों को लेकर पिछले 3 साल के मुकाबले इस साल उम्मीद थोड़ी ज्यादा है, यह एक अच्छी बात है।

इंडियन इकोनॉमी के ग्रोथ का जिक्र किया
- इस मौके पर जेटली ने इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ का भी जिक्र किया। कहा, पिछले 3 साल में दुनिया में छाई मंदी के बीच भी भारत 7 से 8% की ग्रोथ रेट हासिल की, हमनें इसे बरकरार रखा है, हमारे सभी इकोनॉमिक पैरामीटर्स आगे भी कंट्रोल में रहने की उम्मीद है। हमारी इकोनॉमी के लिए यह एक अहम बात है, शायद ऐसा पहली बार हुआ है कि रिफॉर्म्स के लिए हमें इतना सपोर्ट मिला है।

IMF और G20 मीटिंग्स में हिस्सा लेंगे जेटली - जेटली ने शुक्रवार को यूएस के कॉमर्स सेक्रेटरी विल्बुर रॉस से मुलाकात की थी। दोनों देशों के बीच कैबिनेट लेवल की यह पहली मीटिंग थी। वे कल (रविवार) यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी से मिलेंगे। जेटली की अगुआई में भारतीय डेलीगेशन 20 अप्रैल को 5 दिन के दौरे पर वॉशिंगटन पहुंचा था।
- भारतीय डेलिगेशन IMF (इंटरनेशनल मॉनेट्री फंड) और वर्ल्ड बैंक की एनुअल मीटिंग में भी हिस्सा लेगा। जेटली यूएस, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, इंडोनेशिया और स्वीडन के मंत्रियों के साथ बाइलैट्रल मीटिंग करेंगे। वे G20 देशों के फाइनेंस मिनिस्टर्स की मीटिंग में शामिल होंगे। बांग्लादेश और श्रीलंका के फाइनेंस मिनिस्टर्स के साथ भी मुलाकात कर सकते हैं।

H-1B वीजा मुद्दा उठाया
- जेटली ने विल्बुर रॉस से मुलाकात में उनके सामने H-1B वीजा मुद्दा सख्ती से उठाया और यूएस में ज्यादा कुशल भारतीय पेशेवरों के अहम रोल को सामने रखा। इस पर रॉस ने कहा, अमेरिका ने H-1B वीजा मुद्दे को रिव्यू करने की प्रॉसेस शुरू की है और इस पर अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया है।
- जेटली ने भारतीय आईटी कंपनियों और पेशेवरों की चिंताओं को सामने रखते हुए रॉस से कहा, अमेरिका और भारत के इकोनॉमिक डेवलपमेंट में ज्यादा कुशल भारतीय पेशेवरों का अहम रोल रहा है और हम चाहते हैं कि वे यूएस में ऐसा करना जारी रखें, ये दोनों देशों के हित में होगा।

मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी चाहते हैं ट्रम्प - समझा जाता है कि विल्बुर रॉस ने कहा, रिव्यू प्रॉसेस का जो भी नतीजा निकले, पर ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन का मकसद एक मेरिट बेस्ड इमिग्रेशन पॉलिसी बनाना है जिससे ज्यादा कुशल पेशेवरों को अहमियत मिले।
- बता दें कि ट्रम्प ने H-1B वीजा मुद्दे को रिव्यू करने के लिए इस हफ्ते की शुरुआत में ही स्टेट, लेबर, होमलैंड सिक्युरिटी एंड जस्टिस डिपार्टमेंट्स के साथ एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन किया था।

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