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SPG की सूची में नहीं होने के कारण सरकारी बंगला खाली करेगी प्रियंका

सरकार ने कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की बेटी प्रियंका गांधी को 35, लोधी एस्टेट स्थित सरकारी आवास एक महीने के अंदर खाली करने के लिए कहा है, क्योंकि वह अब स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) की प्रोटेक्टी की सूची में नहीं हैं। सूत्रों की मानें तो प्रियंका राजी भी हो गई है, लेकिन इस दौरान कांग्रेस नेताओं का सरकारी बंगला प्रेम बाहर आने लगा। आपको बता दें कि सरकार के जो भी मंत्री या अधिकारी जिन सुख सुविधाओं को भोगते है, वो आम जनमानस के ही टैक्स का पैसा है, जिससे वे शान-ए-शौकत की ज़िदगी जीते है। और आम जनता रोड पर ठोकर खाती है।

कांग्रेस के एक अन्य नेता राजीव शुक्ला ने कहा कि यह गलत है और उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री आई.के. गुजराल का उद्धरण दिया, जिन्होंने कहा था कि शासक को बड़े दिल का होना चाहिए। उन्होंने कहा कि, जमीन चीनियों से खाली करानी थी, लेकिन सरकार ने दिल्ली में एक घर खाली कराने को चुना है।

कांग्रेस नेता विश्वनाथ चतुर्वेदी ने कहा कि यह राजनीति का एक नया निचला स्तर है और मोदी सरकार ने एक शहीद की बेटी का अपमान किया है। वहीं कांग्रेस नेता नसीब पठान ने मांग की कि नवनियुक्त राज्यसभा सदस्य के.सी. वेणुगोपाल इस्तीफा दें और प्रियंका गांधी को राज्यसभा भेजा जाए।

एआईसीसी के सचिव धीरज गुर्जर ने कहा, जो लोग चीनियों को खाली नहीं करा सके, वे प्रियंका गांधी से आवास खाली करा रहे हैं। याद कीजिए इंदिरा गांधी को भी इसी तरह खाली कराया गया था, लेकिन जो लोग इसके लिए जिम्मेदार थे, उन्हें कुर्सी छोड़नी पड़ी थी।

सरकार ने एक आदेश में कहा है कि उसने प्रियंका को आवंटित आवास रद्द कर दिया है और एक महीने के भीतर खाली करने का निर्देश दिया है। गौरतलब है कि सरकार को एक ऐसा नियम लाना चाहिए जिसमें जो नेता लोकसभा या राज्यसभा में ना हो, उन्हें किसी तरह की सरकारी सुविधा का लाभ नहीं दिया जाये और जिस प्रकार अधिकतर विभागों में पेंशन को खत्म कर दिया गया है, उसी प्रकार यह नियम यहां भी लगना चाहिए। लेकिन ऐसा संभव नहीं है, क्योंकि लोग कहते है कि ठोकर वहीं खाता है, जो निर्बल होते है।

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