देश को मिली पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन, भारत बायोटेक की Covaxin को मंजूरी देने की सिफारिश

ravinder Health
Health

एक दिन पहले ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोरोनो वायरस वैक्सीन कोविशील्ड को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली थी
सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की कोविशील्ड (Covishield) वैक्सीन के बाद एक और वैक्सीन को इमरजेंसी स्थिति में इस्तेमाल करने की सिफारिश की गई है। सूत्रों के मुताबिक, भारत बायोटेक (Bharat Biotech) की स्वदेशी कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन (Covaxin) को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी की एक्सपर्ट कमेटी द्वारा सिफारिश की गई है। ये देश की पहली स्वदेशी कोरोना वैक्सीन होगी। Covaxin को अभी एक्सपर्ट कमेटी ने मंजूरी दी है। हालांकि, DCGI (Drugs Controller General of India) की आखिरी मंजूरी मिलना अभी बाकी है।

इससे एक दिन पहले शुक्रवार को ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और एस्ट्राजेनेका ( Oxford University and AstraZeneca) द्वारा विकसित कोरोनो वायरस वैक्सीन कोविशील्ड (Covishield) को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली थी। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, भारत के केंद्रीय ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) की विशेषज्ञ समिति ने भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन Covaxin के इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी देने की सिफारिश कर दी है। बता दें कि इसे बनाने वाली भारत बायोटेक कंपनी हैदराबाद में स्थित है।

इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन (Dr Harsh Vardhan) ने शनिवार को कोरोना वैक्सीन को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पहले चरण में देशभर में 3 करोड़ लोगों को मुफ्त वैक्सीन लगाया जाएगा। हषर्वर्धन ने कोरोना वायरस के वैक्सीन के सुरक्षित होने और इसकी कारगरता के बारे में अफवाहों से लोगों को गुमराह नहीं होने की शनिवार को अपील की। साथ ही, उन्होंने कहा कि इसे मंजूरी देने से पहले किसी भी प्रोटोकॉल के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टीकाकरण के पहले चरण में सर्वाधिक प्राथमिकता वाले लोगों को फ्री वैक्सीन उपलब्ध कराया जाएगा, जिनमें एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मी और फ्रंटलाइन के दो करोड़ कर्मी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर 27 करोड़ लोगों को जुलाई तक किस तरह से वैक्सीन लगाया जाएगा, इस बारे में ब्यौरे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इन लाभार्थियों में 50 वर्ष से अधिक आयु के लोग और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित इससे कम उम्र के लोग शामिल हैं। .

हषर्वर्धन ने ट्वीट किया, कोरोना वायरस टीकाकरण के पहले चरण में देश भर में प्राथमिकता वाले लाभार्थियों को नि:शुल्क वैक्सीन मुहैया कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इनमें एक करोड़ स्वास्थ्यकर्मी और अग्रिम मोच्रे के दो करोड़ कर्मी शामिल हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्राथमिकता वाले 27 करोड़ लाभार्थियों को जुलाई तक किस तरह से वैक्सीन लगाया जाएगा, उसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। हषर्वर्धन ने दरियागंज के शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में कोविड-19 टीकाकरण के पूर्वाभ्यास की भी समीक्षा की।  

कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण अभियान से जुड़ी समस्याओं की पहचान कर उन्हें दूर करने की कोशिश के तहत आज (2 जनवरी) देश भर के 116 जिलों में 259 जगहों पर ड्राई रन (Dry Runs) शुरू हो गया। केंद्र सरकार ने देश के चार राज्यों में किए गए कोरोना वैक्सीन के ड्राई रन यानी पूर्वाभ्यास की सफलता के बाद आज देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ड्राई रन किए जाने की घोषणा की थी।