इंटेलिजेंस को ये भी संकेत मिल रहे हैं कि पीएलए ना सिर्फ़ पाकिस्तान सेना को बल्कि पाकिस्तान वायु सेना को भी सहयोग दे रही है.
भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा तनाव में चीन लगातार भारत को घेरने के लिए नए-नए पैंतरे अपना रहा है. खुफिया रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन, गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई और पाकिस्तानी सेना को मदद कर रहा है. आईएसआई 35 से 40 लश्कर और जैश के आतंकियों को गिलगित-बालटिस्तान में नई तरह की ट्रेनिंग दे रही है.
इस ट्रेनिंग में माउंटेन वॉरफेयर के साथ-साथ एविएशन की भी ट्रेनिंग दी जा रही है. खपालु में आईएसआई ने नया ट्रेनिंग सेंटर बनाया है. यह कैंप पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के स्कार्दू से महज़ कुछ ही दूरी पर है. इतना ही नहीं इसकी दूरी कारगिल सेक्टर से महज 60-70 किलोमीटर है.
ये आतंकी कैंप भारतीय बटालिक सैक्टर के दूसरी ओर पीओके में हैं. इसके पीछे चीन का मकसद कारगिल, द्रास और बटालिक सेक्टर में फिर से एक्टिव रहना है. इसके लिए चीन ना सिर्फ़ आर्थिक मदद कर रहा है, बल्कि इसके लिए पाकिस्तान की सेना के अधिकारियों को चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की तरफ़ से ट्रेनिंग भी दी जा रही है.
इंटेलिजेंस को ये भी संकेत मिल रहे हैं कि पीएलए ना सिर्फ़ पाकिस्तान सेना को बल्कि पाकिस्तान वायु सेना को भी सहयोग दे रही है. .
भारत इन दिनों अपने पड़ोसी मुल्क चीन और पाकिस्तान की नापाक हरकतों का डटकर सामना कर रहा है. पाकिस्तानी सेना आए दिन सीजफायर का उल्लंघन करती रहती है. शुक्रवार देर रात को ही पाकिस्तान की तरह से पुंछ जिले के गुलपुर सेक्टर के करमाड़ा में गोलीबारी और मोर्टार से हमला किया गया. इस हमले में तीन लोगों की मौत हुई है.