भारत के साथ सीमा विवाद और अमेरिका के साथ कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर चल रहे गतिरोध के बीच चीन ने मंगलवार को बड़ा कदम उठाया है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश के सशस्त्र बलों को सैनिकों की ट्रेनिंग मजबूत करने का आदेश दिया है. इसके साथ ही उन्होंने कोरोनो वायरस महामारी के चीन की राष्ट्रीय सुरक्षा पर पड़ रहे सीधे प्रभाव से निपटने को तैयार रहने को कहा है.
चीनी मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए हिंदुस्तान टाइम्स में प्रकाशित खबर के मुताबिक शी जिनपिंग ने कहा है, देश के सैनिकों की ट्रेनिंग मजबूत करना और युद्ध के लिए तैयार होना, राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा करना और देश की समग्र सामरिक स्थिरता की रक्षा करना महत्वपूर्ण है.
शी जिनपिंग ने कहा है कि कोविड 19 से लड़ने को लेकर चीन का प्रदर्शन सैन्य रिफॉर्म्स की सफलता को दर्शाता है. ऐसे में सशस्त्र बलों को महामारी के बावजूद प्रशिक्षण के नए तरीके खोजने की जरूरत है. शी जिनपिंग चीन के सशक्त सेंट्रल मिलेट्री कमीशन की अध्यक्षता करते हैं. उन्होंने यह बयान संसद में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी और पीपुल्स आर्म्ड पुलिस फोर्स के प्रतिनिधिमंडल के साथ मीटिंग में दिया.
दो दिन पहले ही चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी ने चीन को कोरोना वायरस महामारी के लिए जिम्मेदार ठहराने संबंधी अफवाहों को फैलाने के लिए कुछ अमेरिकी राजनेताओं के प्रयासों की कड़ी आलोचना की थी. वांग ने कहा था, अमेरिका चीन के साथ अपने संबंधों को एक नए शीत युद्ध की ओर धकेल रहा है. चीन के स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री ने भी कोरोनो वायरस महामारी पर अमेरिका के झूठ को खारिज कर दिया..
वहीं लद्दाख स्थित वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की ओर से सीमा विवाद को लेकर चल रहे गतिरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हाई लेवल मीटिंग की. इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए. पीएम मोदी ने इस बैठक से इतर विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रिंगला से अलग से इस मामले पर बातचीत की.