केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सांसदों का भत्ता बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है। सांसदों को प्रतिमाह दिया जाने वाला निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, कार्यालय और संपर्क के लिए मिलने वाले भत्तों में बढ़ोत्तरी की गई है। फर्नीचर के लिए दी जाने वाली राशि भी सरकार ने बढ़ा दी है। कैबिनेट ने आवास व टेलीफोन सुविधा नियम, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता नियम, और कार्यालय खर्च भत्ता संबंधी नियमों में बदलाव संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
लाइव हिंदुस्तान पे सपी खबर के अनुसार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इन प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। फर्नीचर के लिए मिलने वाला भत्ता 75 हजार से बढ़कर एक लाख रुपये कर दिया गया है। यह बढ़ोत्तरी एक अप्रैल से लागू होगी। इसे हर पांच साल पर महंगाई सूचकांक के आधार पर बढ़ाया जाएगा।
सांसदों का निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 45 हजार रुपये से बढ़ाकर 70 हजार रुपये करने का फैसला किया गया है। कार्यालय खर्च के लिए मिलने वाले भत्ते को 45 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दिया गया है। इसमें से 20 हजार रुपये स्टेशनरी खर्च और 40 हजार रुपये कम्प्यूटर साक्षर एक व्यक्ति को सांसद सचिवालय सहायक के रूप में नियुक्त करने के लिए दिए जाएंगे।
अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा
इस बढ़ोत्तरी से 39 करोड़ 22 लाख 72 हजार रुपये आवर्ती व्यय में बढ़ोत्तरी होगी जबकि छह करोड़ 64 लाख पांच हजार के करीब गैर आवर्ती खर्च में बढ़ोत्तरी होगी। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बजट भाषण में घोषणा की थी कि सांसदों के वेतन की प्रत्येक पांच वर्ष के बाद समीक्षा के लिए एक स्थायी प्रणाली बनाई जाएगी। सांसदों को फिलहाल 50 हजार रुपये का मूल वेतन और अन्य भत्ते मिलते हैं।
हर सांसद पर तीन लाख से ज्यादा खर्च
केंद्र एक सांसद पर प्रतिमाह करीब दो लाख सत्तर हजार रुपये खर्च करता है। भत्तों में बढ़ोत्तरी के बाद यह खर्च प्रति सांसद करीब 50 हजार रुपये बढ़कर तीन लाख से अधिक हो जाएगा।.
इंटरनेट सुविधा भी बढ़ी
सांसदों को लैंडलाइन कनेक्शन पर प्रतिवर्ष छोड़ी गई दस हजार कॉल यूनिटों के बदले अगस्त 2006 से ब्राडबैंड इंटरनेट की सुविधा प्रदान की जा रही है।
वाईफाई जोन सुविधा
हाईस्पीड इंटरनेट कनेक्शन और वाईफाई जोन के लिए सांसदों को आवासीय क्षेत्र में 2200 रुपये मासिक किराया योजना वाला वाईफाई जोन स्थापित करने की सुविधा दी गई है। यह सुविधा वर्तमान ब्रॉडबैंड सुविधा के अतिरिक्त होगी। इस प्रयोजन के लिए आवास और टेलीफोन सुविधाएं (संसद सदस्य) नियम, 1956 में तीन नए उप-नियम शामिल किए जाएंगे