छठ पूजा का पावन पर्व की शुरुवात दिवाली के 6 दिन होती है। इस बार छठ पूजा की शुरुआत 8 नवंबर से होगी।
छठ की पूजा के चार भाग हैं
1) नहाय- खाय - छठ पूजा 8 नवंबर 2021 नहाय- खाय से शुरू होगी। नहाय खाय के दिन घर की साफ सफाई की जाती है और स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। नहाय- खाय के दिन कद्दू की सब्जी, चना दाल और चावल का प्रसाद ग्रहण किया जाता है। नहाय- खाय से अगले दिन खरना से व्रत की शुरुआत होती है।
2) खरना - खरना की शुरुवात 9 नवंबर 2021 से होती है। खरना के दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाती हैं और सूर्य देव की पूजा करने के बाद प्रसाद को ग्रहण किया जाता है। यह व्रत का पारणा छठ के समापन के बाद ही किया जाता है।
3) सूर्य को सायंकालीन अर्ध्य - खरना के अगले दिन 10 नवंबर २०२1 की शाम को महिलाएं नदी या तालाब में खड़ी होकर सूर्य देव को अर्घ्य देगी।
4) सूर्य को प्रातकालीन अर्ध्य : 11 नवंबर 2021 को इस महापर्व का समापन किया जाएगा। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले ही नदी या तालाब के पानी में उतर कर सूर्यदेव से प्रार्थना करती हैं। और उगते सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद पूजा का समापन कर व्रत का पारणा किया जायेगा।.
आप या आपके कोई सगे संबंधी मित्रगण इस बार छठ पूजा का व्रत रखने वाले हैं, तो आपके छठ पूजा के लिए लगने वाली समंग्री का ज्ञान होने अनिवार्य है
छठ पूजा के लिए आवश्यक सामग्रियां :
खुद के लिए नए वस्त्र जैसे सूट, साड़ी और पुरुषों के लिए कुर्ता
छठ पूजा का प्रसाद रखने के लिए बांस की दो बड़ी टोकरियां
एक थाली
बांस या फिर पीतल का सूप
घी का दीपक
एक लोटा - दूध और जल अर्पण करने के लिए
पान
सुपारी
चावल
सिंदूर
शहद
धूप व अगरबत्ती
शकरकंदी
सुथनी
5 पत्तियां लगे हुए गन्ने
अदरक, मूली और हल्दी का हरा पौधा
बड़ा नींबू
फल : नाशपाती, केला और शरीफा
पानी वाला नारियल
मिठाईयां
गेहूं और चावल का आटा
गुड़
ठेकुआ