कोरोना वायरस के कहर के बीच चीन और अमेरिका के बीच तनातनी कहीं तीसरे विश्व युद्ध का अंदेशा तो नहीं है क्योंकि चीन और अमेरिका के बीच तकरार बढ़ती ही जा रही है हाल ही में अमेरिका ने चीन पर आरोप लगाया है की चीन ने लोप नूर साइट पर कम तीव्रता का नुक्लेअर टेस्ट किया हे जिससे कम तीव्रता का भूकंप पैदा हुआ चीन ने २०१९ से ही ज़ीरो यील्ड लोप नूर नुक्लीअर साइट पर अपनी गतिविधि तेज कर रखी है चीन ने जो नुक्लीअर टेस्ट किया है उसमे चैन रिएक्शन नहीं होती है इस तरह का नुक्लीअर अटैक एक छोटे से इलाके को तबाह करने के लिए किया जाता है
अमेरिका कुछ दिन से चीन पर पुरे दुनिया को कोरोना संक्रमण की आग में धकेलना का आरोप तो पहले सी लगता रहा है। अमेरिका का यह आरोप कहीं न कहीं चीन पर एक संदेह तो पैदा करता ही है क्योंकि चीन ने २०१९ नवंबर से दुनिया से कोरोना वायरस संक्रमण को छुपाये रखा .
चीन ने दुनिया को इस संक्रमण के बारे में जनुअरी २०२० को बताया जब चीन में कोरोना संक्रमण से मौत और संक्रमण के मामले उस के काबू से बहार हो गए अमेरिका चीन पर बार बार कोरोना वायरस को फैलाने का आरोप लगाता है चीन अपनी जैविक लैब में कोरोना जैविक हतियार बना रहा था और ये हतियार उसकी जैविक लैब से हे लीक हुआ है क्योंकि वूहान के जैविक लैब में कार्यरत डॉक्टर जिसने कोरोना वायरस पर चीन सरकार को सूचित किया था वह भी कुछ दिन बाद मृत पाया गया था
अमेरिका ने चीन पर १९७२ जैविक हतियार संधि का उलंघन का भी आरोप लगाया है