दिल्ली दंगों (Delhi Violence) से संबंधित मामलों की पैरवी के लिए दिल्ली पुलिस (Delhi Police ) के वकीलों के पैनल को दिल्ली कैबिनेट (Delhi Government) ने खारिज कर दिया है।
मंगलवार शाम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट ने दिल्ली पुलिस की निष्पक्षता पर कोर्ट की तरफ से किए गए सवालों का संज्ञान लिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस की पैनल से निष्पक्षता की उम्मीद रखना संभव नहीं। कैबिनेट का मानना है कि क्रिमिनल जस्टिस का मूल सिद्धांत है कि जांच पूरी तरह से अभियोजन से स्वतंत्र होनी चाहिए।.
पूरे देश और दुनिया में यह सिद्धांत सबसे अहम माना जाता है और इसका उल्लंघन दिल्ली में नहीं होने देंगे। दिल्ली दंगे को दिल्ली कैबिनेट ने क्रिटिकल केस माना और गृह विभाग को निर्देश दिया कि देश के सबसे बेहतर वकीलों का पैनल गठित करें।