अब आसान होगा दिल्ली से गुड़गांव और दिल्ली एयरपोर्ट जाना क्योंकि फेज 4 में येलो लाइन मेट्रो की छतरपुर मेट्रो स्टेशन को एक इंटरचेंज स्टेशन के रूप में तब्दील करने और इसके साथ ही इस मेट्रो स्टेशन को एक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंटिग्रेशन हब के रूप में विकसित करने योजना है। इसी को ध्यान में रखते हुए यहां नए मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। फेज 4 में तुगलकाबाद से एयरोसिटी के बीच बनने वाली मेट्रो की नई सिल्वर लाइन यहीं से होकर गुजरेगी। इससे गुड़गांव और एयरपोर्ट के बीच लोगो को आने जाने में काफी आसानी होगी।
डीएमआरसी के अनुसार कुल 23.62 किमी लंबी इस सिल्वर लाइन मेट्रो पर जो 15 नए मेट्रो स्टेशंस बनेंगे, उनमें से 4 स्टेशनों पर यात्रियों को इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी। छतरपुर भी उन्हीं में से एक होगा। इसके अलावा एयरोसिटी, साकेत जी ब्लॉक और तुगलकाबाद स्टेशनों पर भी इंटरचेंज की सुविधा मिल सकेगी। सिल्वर लाइन पर छतरपुर का जो नया इंटरचेंज स्टेशन बनेगा, वह एक अंडरग्राउंड स्टेशन होगा और एक सबवे के जरिए दोनों स्टेशनों के पेड एरिया को आपस में कनेक्ट किया जाएगा। ताकि वहां से होते हुए यात्री स्टेशन से बाहर निकले बिना ही येलो और सिल्वर लाइन के बीच अपनी सुविधानुसार इंटरचेंज कर सकें। इंटरचेंज की यह सुविधा मौजूदा छतरपुर मेट्रो स्टेशन के एंट्री गेट नंबर 2 के जरिए मुहैया कराई जाएगी। स्टेशन के बाहर की तरफ ई-रिक्शा, ऑटो-टैक्सी और प्राइवेट गाड़ियों के लिए अलग-अलग पिक एंड ड्रॉप लेन भी बनाई जाएंगी। .
नई सिल्वर लाइन वसंत कुंज, महिपालपुर, छतरपुर, संगम विहार, आंबेडकर नगर, इग्नू, मैदानगढ़ी, नेब सराय, साकेत, खानपुर, तुगलकाबाद जैसे कुछ बेहद घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरेगी। ताकि आस-पास के इलाकों में रहने वाले लोग आसानी से नजदीकी मेट्रो स्टेशन तक आ-जा सकें। अभी इन इलाकों में रहने वाले लोगों को पहले नई दिल्ली जाना पड़ता है और वहां से एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन लेकर एयरपोर्ट पहुंच पाते हैं, जिसमें उनका काफी समय बर्बाद होता है और किराया भी ज्यादा लगता है। मगर अब लोगों की यह यात्रा काफी आसान हो जाएगी। मेट्रो कॉरिडोर के साथ ही यह स्टेशन भी अगले ढाई तीन सालों में बनकर तैयार हो जाएगा।