बंगलुरु में फंसे पूर्वांचल और बिहार मजदूरों को मदद के लिए बढ़े हाथ

sangita General
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कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन से दूसरे राज्यों से काम करने आये प्रवासी मजदूरों के लिए एक बहुत बड़ा संकट पैदा हुआ है जहां की मजदूर रोजाना काम कर के अपना जीवन यापन करते थे वो अब जहां ताहाँ फसे हुए है न तो प्रवासी मजदूरों के पास जीवन यापन के लिए पैसे बचे है न ही उनके पास खाने का इंतजाम हो पा रहा है कोरोना संक्रमण से लॉकडाउन के कारण प्रवासी मजदूरों की दुखद स्थिति है

ऐसे में सरकार के साथ साथ प्रवीण श्रीवास्तव जैसे सामाजिक कार्यकर्ता सामने आए हैं प्रवीण श्रीवास्तव ने जहां खाते में धनराशि भेज कर कुशीनगर जिले के बेंगलुरु में फंसे आठ मजदूरों की मदद की और साथ ही साथ जहां ताहाँ फसे मजदूरों को अपने संपंर्को से राशन भी दिला रहे हैं।

कुशीनगर जिले में कोरोना संक्रमण से मदद के लिए खुले कोरोना कंट्रोल रूम से प्रवीण श्रीवास्तव को यह पता चला कि कुछ मजदूरों बेंगलुरु में फंसे हुए हैं। उनका फ़ोन नम्बर लेकर प्रवीण श्रीवास्तव ने बात किया तो पता चला कि बेंगलुरु के भदरपा लेआऊट में कॉरपेंटर का काम करने वाले कुशीनगर हाटा तहसील के झांगा बाजार और मगरूआ समेत आसपास के इलाको में 8 युवा मजदूरों फंसे हुए हैं। न तो मजदूरों के पास खाना है न ही उनके पास पैसा है

फंसे कॉरपेंटरों में पिपराइच के राजेश दुबे एवं कुशीनगर जिले के लक्ष्मण शर्मा, संदीप शर्मा, विजय, मुकेश, कमलेश, अमरेश शर्मा और गौतम सिंह की पीडा सुन प्रवीण श्रीवास्तव की आंखे नम हो गई। उन्होंने तत्काल मजदूरों के खाते में अपनी भांजी सुरभि श्रीवास्तव से कुछ धनराशि ट्रांसफर कराई। .

प्रवीण श्रीवास्तव को पता था की उन्हें पता मजदूरों के लिए सिर्फ इतना करने से बात नहीं बनने वाली है। लॉकडाउन में फंसे कॉरपेंटरों मजदूर मुकेश, कमलेश और अमरेश ने बताया कि उनके साथ साथ बिहार और पूर्वांचल से काफी लोग वहां फंसे हुए हैं। प्रवासी होने के कारण उन्हें सरकारी मदद भी नहीं मिल पा रही है।

तभी प्रवीण श्रीवास्तव को बेंगलुरु में रहने वाले अपने पुराने पिपराइच निवासी इंजीनियर मित्र रोहताश श्रीवास्तव की याद आई। रोहताश श्रीवास्तव ने प्रवीण को बताया कि वे पहले से ही पूर्वांचल और बिहार के फंसे लोगो हर यथा संभव मदद कर रहे हैं। रोहताश ने स्थानीय कारपोरेटर आनंद की मदद से फंसे मजदूरों को 15 दिन का राशन भिजवाया जिसमें चीनी, चाय पत्ती और अन्य खाद्य सामग्री शामिल थी। इन 8 मजदूरों के जरिए अन्य मजदूरों की जानकारी मिली जिन्हें राशन भेज कर यथा संभव मदद की जा रही है।

रोहताश श्रीवास्तव ने फ़ोन पर बताया की उन्होंने कर्नाटका मुख्यमंत्री, गोरखपुर डीएम और बेंगलुरु डीएम को बेंगलुरु में फसे २०० जरूरतमंद मजदूर की सैंपल लिस्ट भेजी है

रोहताश श्रीवास्तव ने इस त्राश्दी पर कहा की मैं वादा करता हूं कि यदि कोई मजदूर या अन्य जरुरतमंद बेंगलुरु में फंसा है तो मदद के लिए 8431399997 पर कॉल कर सकता है। वह हर संभव मदद का प्रयास करेंगे। रोहताश श्रीवास्तव, इंजीनियर बंगलुरु