देश में बिजली के संकट और कोयले की कमी को देखते हुए रेलवे ने अगले एक महीने तक 670 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है। और कोयले से लदी मालगाड़ियों की संख्या को बढ़ा दिया है देश में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है और इस कारण अप्रैल के महीने में ही बिजली की मांग बहुत जयादा बढ़ गई है।
बिजली की मांग बढ़ने से कोयले की खपत भी जयादा बढ़ गई है। इस कारण पावर प्लांट्स के पास कुछ ही दिनों का कोयला स्टॉक रह गया है। जिस वजह से देश में बिजली संकट खड़ा हो गया है। ब्लैकआउट और बिजली की कमी की स्थिति से बचने के लिए रेलवे पूरा सहयोग दे रहा है और देश में कोयले की ढुलाई का काम सबसे अधिक रेलवे द्वारा ही किया जाता है। रेलवे सराहनीये कदम उठा रहा है ताकि बिजली की आपूर्ति में कोई कमी न आये .
कोयले की जायद डिमांड को पूरा करने के लिए रेलवे पर कोयले ढुलाई का दबाव बढ़ लगातार बढ़ता जा रहा है। जिस वजह से रेलवे को पिछले कुछ हफ्तों से रोजाना 16 मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द भी किया था। कोयले से लदी मालगाड़ियों को रास्ता देने के लिए रेलवे ने कदम उठाया है। ताकि रेलवे कोयले ढुलाई द्वारा कोयले की कमी को पूरा कर सके