भारत में कोरोना संकट के बीच आरबीआई के गवर्नर श्री शक्तिकांत दास ने आज बडी घोषणा की और कहा वित्तीय हालत पर हमारी पूरी नजर है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा, हमारे अधिकारी कोरोना से लड़ने में जुटे हुए हैं। देश की वित्तीय हालत पहले से बिगड़ी हुई है। वित्तीय नुकसान कम से कम हो यह हमारी कोशिश है। कोरोना वायरस की वजह से जीडीपी की रफ्तार 1.9 रहेगी। जी 20 देशों में यह सबसे बेहतर स्थिति है। दुनिया में अर्थवयवस्था को 9 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान है।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि मार्च 2020 में हमारे निर्यात में भारी गिरावट आई है, इसके बावजूद विदेशी मुद्रा भंडार 476 अरब डॉलर का है जो 11 महीने के आयात के लिए काफी है। दुनियाभर में कच्चे तेल के दाम लगातार घट रहे हैं, जिससे हमें फायदा हो सकता है। आरबीआई गवर्नर ने कहा, कोरोना संकट की वजह से देश की अर्थव्यवस्था की हालत काफी खराब है। भारत में लॉकडाउन की वजह से लगभग सभी तरह के काम धंधे बंद हैं और हर दिन भारत को 35 हजार करोड़ का नुकसान हो रहा है। लॉकडाउन के पहले चरण में ही देश की जीडीपी को करीब 8 लाख करोड़ रुपये का नुकसान पहले ही हो चुका है।
आरबीआई गवर्नर ने के ऐलान किये जैसे की
रिवर्स रेपो रेट में .25 प्रतिशत की कटौती का ऐलान
रिवर्स रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत घटाकर 3.75 प्रतिशत किया गया,रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नाबार्ड को 50 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान छोटे मध्य वित्तीय संस्थानों को लिए 50 हजार करोड़ रुपये ।
कमर्शियल रियल्टी प्रोजेक्ट लोन को 1 साल का एक्सटेंशन दिया जाएगा।
बैंक मुनाफे से अगले आदेश तक डिविडेंड नहीं देंगे नगदी बढ़ाने के लिए GDP के 3.2 प्रतिशत के बराबर नकदी सप्लाई की गई।
लॉकडाउन के कारण पावर डिमांड 25-30 फिसदी घटी।
नकदी संकट दूर करने के लिए बैंक की तरफ से बाजार में 50 हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। .
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