राजस्थान में कांग्रेस सरकार को लेकर राजनीतिक उठापटक गंभीर होती जा रही है। विधायकों की खरीद फरोख्त मामले में राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने डिप्टी सीएम सचिन पायलट को नोटिस भेजा है, जिसके बाद सचिन पायलट के खेमे में नाराजगी है। पायलट खेमे ने डिप्टी सीएम से पूछताछ के लिए SOG के नोटिस को नकार दिया है। उनका कहना है कि गहलोत कैम्प सचिन पायलट को राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष पद से हटाने के लिए इस तरह का माहौल तैयार कर रहा है। आपको बता दें कि सचिन पायलट के साथ 12 विधायक है। वहीं इस मामले में राजस्थान के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रमेश मीणा को भी स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की तरफ से नोटिस भेजा गया है, जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई है।
वहीं कांग्रेस का समर्थन करने वाले निर्दलीय विधायकों को भी पूछताछ के लिए नोटिस भेजा गया है। खबरों के मुताबिक सचिन पायलट नोटिस को लेकर विक्टिम कार्ड खेल रहे थे। इसे देखते हुए अब SOG कई मंत्रियों, विधायकों और निर्दलीय विधायकों को नोटिस भेज रही है ताकि ऐसा न लगे कि सचिन पायलट को अकेले नोटिस भेजा गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के अलावा 20 से ज्यादा मंत्रियों और विधायकों को नोटिस भेजा गया है।.
हालांकि SOG नोटिस को लेकर मुख्यमंत्री सफाई भी दे चुके है, सीएम गहलोत ने ट्वीट किया कि SOG को जो कांग्रेस विधायक दल ने बीजेपी नेताओं के खरीद-फरोख्त की शिकायत की थी। उस संदर्भ में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, चीफ व्हिप और अन्य कुछ मंत्री और विधायकों को सामान्य बयान देने के लिए नोटिस आए हैं। जबकि मीडिया का उसे अलग ढंग से पेश करना ठीक नहीं है। गौरतलब है कि अशोक गहलोत ने कहा था कि SOG ने पूछताछ के लिए हमें भी बुलाया है, पूछताछ के लिए मैं जाऊंगा।