आम आदमी पार्टी से सस्पेंडेड पार्षद ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बता दें, ताहिर हुसैन की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। ताहिर पर आईबी (IB) अधिकारी अंकित की हत्या करने और दिल्ली में दंगा भड़काने का आरोप है।
आम आदमी पार्टी से सस्पेंडेड पार्षद ताहिर हुसैन को कड़कड़डूमा कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बता दें, ताहिर हुसैन की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। ताहिर पर आईबी (IB) अधिकारी अंकित की हत्या करने और दिल्ली में दंगा भड़काने का आरोप है।
आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता ताहिर पर दिल्ली में दंगा भड़काने का आरोप लगा है। पुलिस ने ताहिर पर कई धाराएं लगाई हैं। जिसमें सेक्शन 201 (गलत जानकारी देना) धारा 305 (हत्या) 365 (अपहरण) और धारा 124 ए (राजद्रोह) शामिल है।
गौरतलब है कि दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध में प्रदर्शन हो रहे थे। लेकिन अचानक विरोध प्रदर्शन दंगों में तब्दील हो गया। जिसमें करीब 53 लोगों की जान चली गई और 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
बता दें, चार्जशीट में ताहिर हुसैन और उसके भाई शाह आलम समेत 15 लोगों को आरोपी बताया गया है। क्राइम ब्रांच के मुताबिक़ इस दंगे की साज़िश क़रीब दो महीने पहले रचीं गयी। इस दंगे में जेएनयू स्कॉलर उमर ख़ालिद की भूमिका का भी ज़िक्र है। ताहिर हुसैन लगातार उमर ख़ालिद के सम्पर्क में था और 8 जनवरी 2020 को शाहीन बाग में ताहिर हुसैन की उमर ख़ालिद और ख़ालिद सैफ़ी (यूनाइटेड अगेन्स्ट हेट) से मुलाक़ात हुई।.
क्राइम ब्रांच ने दोनों के सीडीआर को खंगाला और दोनों की लोकेशन शाहीन बाग़ मिली। इसके बाद ताहिर ने पूछताछ में माना की उमर ख़ालिद ने उसे बोला की यूएस प्रेज़िडेंट डॉनल्ड ट्रम्प के इंडिया आने पर कुछ बड़ा/ दंगा प्लान करो और इसके लिए ज़रूरी पैसा पीएफ़आई मुहैया कराएगी। पैसे की पहली किस्त ख़ालिद सैफ़ी ने ताहिर हुसैन को दिया। ताहिर हुसैन ने ये भी माना कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में उसने अपनी कंपनी से 1.10 करोड़ रुपए कुछ फ़र्ज़ी कंपनी में ट्रान्स्फ़र किए और उसे ये पैसा कैश में अलग अलग माध्यम से मिला। फिर अलग-अलग रूट से वो पैसा निकाल कर दंगे और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरकिता रजिस्टर (एनआरसी) के ख़िलाफ़ प्रदर्शन की तैयारी करने लगा और प्रदर्शन करने वालों को पैसा भी उसने बाँटा।