घास खाते बच्चों की ख़बर पर बोले DM

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पूर्व विधायक और कांग्रेस के नेता अजय राय ने जिलाधिकारी को गुरुवार को ही एक पत्र लिखा जिसमें यह बात दोहरायी कि कोइरीपुर के बच्चे असहाय स्थिति में अंकरी घास खाते दिखे इसके बावजूद प्रशासन के नोटिस में अंकरी की घास को दाल लिखा गया है।

कोरोना का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा किये गये देशव्यापी लॉकडाउन के बीच बनारस से पहला मामला आया है जहां एक अख़बार के सपादक और संवाददाता को भुखमरी के चलते एक समुदाय के बच्चों के घास खाने की ख़बर छापने पर प्रशासन से विधिक कार्यवाही का नोटिस मिला है। दिलचस्प है कि इस ख़बर को राष्ट्रीय मीडिया में पहली बार उठाने वाले वेब पोर्टल दि वायर ने अपनी स्टोरी में नोटिस का जिक्र ही नहीं किया है। .

जनसंदेश टाइम्स में बुधवार को छपी एक रिपोर्ट का है जिसमें बताया गया है कि बनारस के पिंडरा तहसील बड़ागांव थानांतर्गत कोइरीपुर गांव में मुसहरों के बच्चे अंकरी की घास खा रहे हैं। जनसंदेश में विजय विनीत और मनीष मित्र के संयुक्त बाइलाइन से छपी ख़बर पर गुरुवार को प्रशासन ने संपादक सुभाष राय और संवाददाताओं को कानूनी कार्यवाही का नोटिस थमा दिया। नोटिस में कहा गया है कि वे खबर का खंडन छापें अन्यथा उन पर कार्यवाही की जाएगी

विजय विनीत ने बताया कि उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है और जिलाधिकारी ने शुक्रवार तक उनके खिलाफ एफआइआर करवाने और उन्हें गिरफ्तार करने का निर्णय ले लिया है।

शासन का भेजा नोटिस कहता है कि बच्चों के घास खाने का प्रकाशित समाचार एवं तथ्य वास्तविकता के विपरीत है। इस गांव में बच्चे फसल के साथ उगने वाली अखरी दाल और चने की बालियां तोड़कर खाते हैं व ये बच्चे भी अखरी दाल की बालियां खा रहे थे। नोटिस में लिखा है, घास खाना लिखकर मुसहर जाति के परिवारों पर लांछन लगाने का कुत्सित प्रयास किया गया है।

खुद वाराणसी के डीएम कौशल राज शर्मा ने पत्रकारों के पूछने पर बताया कि शुक्रवार तक यदि अखबार ने खंडन नहीं छापा तो उस पर क्रिमिनल कॉन्सपिरेसी और महामारी कानून के तहत मुकदमा किया जाएगा।

इस वीडियो में कौशल राज शर्मा को यह कहते सुना जा सकता है कि उन्होंने अपने बच्चे के साथ अंकरी खाते हुए फोटो डाली थी यह दिखाने के लिए कि इसे खाया जाता है और यह सामान्य बात है।