मध्य प्रदेश में जाएगी कमलनाथ सरकार, सिंधिया और समर्थक 20 कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे होंगे बीजेपी में शामिल
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है. मंगलवार सुबह दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से बैठक के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा सार्वजनिक कर दिया. सिंधिया के इस फैसले के बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया और कांग्रेस पार्टी की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया दी.
सिंधिया के इस फैसले से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है. लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि जिस पार्टी ने उन्हें इतना दिया है, वो उससे बेईमानी कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि सिंधिया के इस फैसले से पार्टी का नुकसान हुआ है और लगता है मध्य प्रदेश में हमारी सरकार नहीं बच पाएगी. अधीर रंजन ने सिंधिया के इस फैसले को पार्टी के साथ गद्दारी करार दिया.
दिल्ली में पीएम मोदी और शाह से सिंधिया की बैठक
बैठक के बाद सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया
मोदी कैबिनेट में मंत्री बन सकते हैं सिंधिया
सिंधिया के फैसले को कांग्रेस ने बताया गद्दारी, अधीर रंजन बोले- हमारी सरकार गई
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अधीर रंजन ने ये भी कहा कि सिंधिया कांग्रेस में राजा की तरह थे, लेकिन बीजेपी में जाकर वो प्रजा हो जाएंगे.
कांग्रेस भले ही सिंधिया पर गद्दारी का इल्जाम लगा रही हो, लेकिन ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे जनसेवा से जोड़कर बताया है. सिंधिया ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अपना इस्तीफा पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा है. साथ ही उन्होंने इसे अपने ट्विटर हैंडल पर भी साझा किया है. सिंधिया ने इस इस्तीफे में कहा है कि वे जनसेवा के लिए राजनीति में आए हैं और बीते कुछ समय से कांग्रेस में रहते हुए ऐसा नहीं कर पा रहे थे.