पुलिस कॉन्स्टेबल समेत 7 की मौत - दिल्ली हिंसा क्या सोची समझी साजिश : हिंसा आज तीसरे दिन भी जारी

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दिल्ली के जाफराबाद में 23 तारीख से शुरू हुआ CAA के विरोध में शुरू हुए एक प्रदर्शन ने बहुत विकराल रूप ले लिया एक सामान्य प्रदर्शन जो की प्रशासन के द्वारा रोका जा सकता था उस प्रदर्शन के कारण नार्थ ईस्ट के कई इलाके दंगे की आग में जल उ

इस घटना के बाद कपिल मिश्रा अपने कुछ समर्थको के साथ मौजपुर चौक पर पहुंचते हैं और कहते है जाफराबाद को हम दूसरा साहिन बाग़ नही बने देंगे जिनके कारण कुछ स्थानीय लोग भड़क जाते हैं और CAA के समर्थन में मौजपुर चौक पर बैठे जाते है इन लोगो पर कुछ लोगो द्वारा कबीर नगर की तरफ से पथराव हो जाता है और दो समुदाय आमने सामने आ कर एक दूसरे पर पथराव शुरू हो जाता है.

जो एक प्रदर्शन पुलिस की समझ से वहीं कंट्रोल किया जा सकता था इस प्रदर्शन ने हिन्दू मुस्लिम रूप ले लिया है इसके बाद चाँद बाग़ में भी CAA के विरोध एक महीने से सड़क के किनारे प्रदर्शन कर रहे लोग उठ कर चाँद बाग़ के सामने दिल्ली वजीराबाद रोड पर आकर बैठ जाते है जिसके कारण नार्थ ईस्ट दिल्ली में आने वाले रास्ते कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा रोक दिए जाते है और जब पुलिस उन्हें हटाने का प्रयास करती है तो भीड़ पुलिस पर पथराव कर देती है धीरे धीरे ये पथराव आगजनी और दो समुदाय की हिंसा में बदल जाता है और ब्रिजपुरी, भजनपुरा , खजूरी , नूरे इलाही , घौंडा , मौजपुर , ब्रह्मपुरी , विजय पार्क , कबीर नगर , जाफराबाद इलाको में दंगो का रूप ले लेता है

कुछ असामाजिक तत्व इस का फायदा उठा कर इन सभी इलाकों मैं पथराव , आगजनी , लूटपाट करना सुरु कर देते है और एक दुसरे समुदाय के लोगो पर हमला कर रहे है । इस हमले में अभी तक एक कांस्टेबल समेत ८ लोगो की मौत हो गयी है । दिल्ली मेट्रो ने 23 तारीख से दंगो के कारण 5 मेट्रो स्टेशन बंद कर रखे हैं और अभी अलग अलग इलाकों से लोगो की जान माल के नुक्सान की खबर आ रही है ये एक दिल्ली पुलिस की इंटेलीजेन्स फैलियर और दंगे को न रोक पाना दिल्ली पुलिस की कानून वयवस्था पर सवालिए निसान लगता है वो भी उस वक्त पर जब अमेरिका के प्रेजिडेंट पूरे परिवार के साथ भारत की 36 घंटे की भारत यात्रा पर है इसके बावजूत दिल्ली पुलिस दंगो को रोकने में नाकाम रहती है ।