संसद में ओवैसी ने फाड़ी नागरिकता संशोधन बिल की कॉपी, कहा - होने जा रहा है एक और बंटवारा

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एआईएमआईएम के संसद असदुद्दीन ओवैसी ने सदन में चर्चा के दौरान नागरिकता संसोधन बिल की कॉपी फाड़ दी और कहा यह कानून हिटलर से भी बदतर है इससे देश का एक और बटवारा होने वाला है

असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध करते हुए इसकी कॉपी को फाड़ दिया. जयादा हंगामा होने पर पीठासीन रमा देवी ने इसे संसद की कार्यवाही से इस हिससे को निकालने का आदेश दिया इससे पहले एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जब संविधान बना था तब और आज समाज में बड़ा बदलाव आ गया है. उन्होंने कहा कि इस बिल में मुसलमानों को नहीं रखा गया है, उससे उन्हें बहुत फ़र्क़ नहीं पड़ता है लेकिन आज मुसलमानों से इतनी नफ़रत क्यों की जा रही है. .

गांधी का जिक्र करते हुए ओवैसी ने भाषण के दौरान ही बिल की कॉपी फाड़ दी. ओवैसी ने इस बिल को संविधान की मूल आत्मा के विरुद्ध भी बताया है. इससे पहले भी ओवैसी धार्मिक आधार पर नागरिकता बिल को लाने का विरोध करते रहे हैं और नागरिकता बिल से देश को खतरा है उन्होंने कहा कि इस बिल की वजह से असम में एनआरसी के तहत सिर्फ़ मुसलमानों पर केस चलेगा और सिर्फ़ बंगाली हिंदुओं के वोट के लिए बीजेपी सरकार यह सब कर रही है. ओवैसी ने कहा कि चीन के तिब्बती बौद्धों को इसमें शामिल नहीं किया गया है, ऐसा उन्होंने इसलिए नहीं किया क्योंकि भारत के गृह मंत्री चीन से डरते हैं. असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा सदन में कहा कि सेक्युलिरज्म इस देश के बेसिक स्ट्रक्चर का हिस्सा है. यह बिल हमारे मूल अधिकारों का हनन करता है. हमारे मुल्क में सिटिजनशिप का कॉन्सेप्ट सिंगल है. आप यह बिल लाकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन कर रहे हैं. मैं आपसे हाथ जोड़कर अपील कर रहा हूं कि मुल्क को ऐसे कानून से बचा लीजिए. सत्ता पक्ष से जब गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन बिल को सदन में पेश किया तो सदन में जोरदार हंगामा हुआ. कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी, टीएमसी के सासंद सौगत रॉय ने इस बिल को संविधान का उल्लंघन बताया. कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने कहा कि ये बिल संविधान के आर्टिकल 14 का उल्लंघन करता है, ऐसे में हम इसका विरोध करते हैं. न्यूज़ लिखे जाने तक सदन में नागरिकता संशोधन बिल पर बहस जारी है ...