कोरोना संकट को लेकर विश्व में वैश्विक स्तर पर आर्थिक मंदी का माहौल है और कई देश संकट का सामना कर रहे हैं। आने वाले समय में यह संकट और बढ़ सकता है। लेकिन कोविड-19 महामारी को काबू में करने के पश्चात चीन अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में लगा है जो कि विश्व के लिए भी एक अच्छा संकेत है।
चीन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का नतीजा यह हुआ है कि चीन के विदेशी व्यापार में जनवरी से मई तक आयात-निर्यात की मात्रा 115 खरब युआन से अधिक हो गयी है। जो यह दर्शाता है कि व्यापार पटरी पर लौट रहा है। हालांकि दोनों तरह के बिजनेस में पिछले साल की तुलना में कुछ गिरावट जरूर देखी गयी है। परन्तु स्थिति नियंत्रण में है। जैसा कि हम जानते हैं कि चीन ने सबसे पहले इस मुसीबत का सामना किया और कुछ ही महीनों में महामारी को नियंत्रित भी कर लिया है। चीन सरकार के जबरदस्त प्रयासों से अर्थव्यस्था शुरूआती झटकों से उबरने लगी है। जिसके सकारात्मक परिणाम आने वाले दिनों में दिखेंगे। चीन द्वारा जारी आंकड़ों की मानें तो विदेशी मुद्रा भंडार में पहले से कुछ इजाफा हुआ है। अप्रैल महीने के मुकाबले मई में फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व में 0.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। जो कि 31 खरब 170 करोड़ डॉलर तक पहुंच चुका है। यह इस बात का उदाहरण है कि चीन में विदेशी मुद्रा की मांग और आपूर्ति ठीक है।.
चीनी कस्टम ब्यूरो के मुताबिक मई महीने में चीन के निर्यात में बढ़ोतरी दर्ज की गयी। ग्लोबल स्तर में हो रही मुश्किलों को देखते हुए इसे बहुत बेहतर स्थिति कहा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ने अपेक्षा से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है। इसका सीधा संबंध कोरोना वायरस महामारी को नियंत्रण में करने से जुड़ा हुआ है।
चीन द्वारा हाल में जारी किए गए विदेशी मुद्रा भंडार और आयात-निर्यात के आंकड़ों से यह बात स्पष्ट हो जाती है कि चीन की अर्थव्यवस्था व बाजार धीरे-धीरे सही दिशा की ओर बढ़ रहे हैं। अगले कुछ महीनों में इसमें और सुधार देखने को मिलेगा। जिससे ये अनुमान लगाया जाने लगा है कि चीन की तरह अन्य देश भी बहुत जल्द इस मंदी से उबर पाएंगे।