RBI ने कर्ज में डूबे यस बैंक पर बड़ी कार्यवाही की है यस बैंक के ग्राहको के लिए बुरी खबर आई है. वित्तिय संकट से जूझ रहे देश के चौथे बड़े प्राइवेट यस बैंक का कामकाज भारतीय रिजर्व बैंक ने अपने हाथ में ले लिया है. ग्राहक 5 मार्च से 3 अप्रैल तक खाता धारक अब 50 हजार रुपए निकाल सकेंगे. वहीं विशेष परिस्थितियों में खाता धारक पांच लाख तक निकाल सकेंगे| रिजर्व बैंक ने ये निर्देश बैंक की आर्थिक हालत को देखते हुए दिए है
RBI ने कर्ज में डूबे यस बैंक पर बड़ी कार्यवाही की है इसके अलावा पूर्व एसबीआई सीएफओ प्रशांत कुमार को यस बैंक का एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया गया है.
वहीं गुरुवार को यह भी खबर आई कि सरकार ने सरकारी बैंक SBI को यस बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए कहा है. यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी की खबर से बैंक के शेयर में 25 फीसदी से अधिक तेजी दर्ज की गई
कर्ज में डूबे यस बैंक पर RBI की कार्यवाही : 50 हज़ार रूपए ही निकल सकेंगें ग्राहक .
ज्ञात हो की यस बैंक के निवेशको 2018 से अब तक 90 % तक नुक्सान झेलना पड़ा है यस बैंक का शेयर मार्च 2018 में 400 था जो अब गिर कर 37 रह गया है वहीं सितंबर 2018 में यस बैंक का मार्केट कैप करीब 80 हजार करोड़ रुपये था, जो अब 9 हजार करोड़ के स्तर पर आ गया है. इस हिसाब से बैंक के मार्केट कैप में 70 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई है साल 2018 में आरबीआई को लगा कि यस बैंक अपने डूबे हुए कर्ज (एनपीए) और बैलेंसशीट में कुछ गड़बड़ी कर रहा है. इसके बाद आरबीआई ने यस बैंक के चेयरमैन राणा कपूर को पद से जबरन हटा दिया. बैंक के इतिहास में पहली बार था जब किसी चेयरमैन को इस तरह से पद से हटाया गया.