देश में बढ़ती हुई दुर्घटनाओं के कारण ट्रैफिक नियमों को लगातार सख्त किया जाता रहा है। अब सड़क पर तेजी से दौड़ने वाले दोपहिया वाहनों की स्पीड पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नए ट्रैफिक नियम जल्द लागू करने जा रहा हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने एक नए अधिसूचनाओं का एक नया सेट प्रकाशित किया है जिसका उद्देश्य दोपहिया वाहनों से होने वाली दुर्घटना को कम करना है। अब नए नियमों से दोपहिया वाहनों की स्पीड लिमिट तय की जाएगी।
मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में इन नियमों का है सुझाव:
चार साल से कम उम्र के बच्चों को अपने साथ बांधे रखने के लिए सेफ्टी हार्नेस / बेल्ट का इस्तेमाल करना पड़ेगा। 9 महीने से 4 साल के बीच की उम्र के बच्चे के पीछे बैठने वाले को या तो क्रैश हेलमेट या साइकिल हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा।
हेलमेट एएसटीएम 1447 या यूरोपीय (सीईएन) बीएस एन 1080/बीएस एन 1078 मानकों के अनुरूप होना अनिवार्य होगा। ये दोपहिया वाहनों मानक तब तक लागू रहेंगे जब तक भारत ऐसे हेलमेट के लिए अपने स्वयं के विनिर्देशों और मानकों को निर्धारित नहीं करता है।
बच्चे को पीछे बिठाकर ले जाते समय बाइक की स्पीड 40 किमी प्रति घंटा से अधिक नहीं होगी।.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नियमओ में अन्य सुरक्षा दिशानिर्देशों के साथ गति सीमा सहित कई नए उपायों का प्रस्ताव दिया गया है। जिसमे से ज्यादातर नियम सवारी के तौर पर 4 साल की उम्र तक छोटे बच्चों को पीछे बिठाने वाले दोपहिया वाहनों पर लागू होंगे। बाल यात्रियों को मोटरसाइकिल पर पीछे बिठाकर ले जाते समय दोपहिया वाहनों की स्पीड 40 किसी प्रति घंटा से अधिक नहीं होगी। अब यह दोपहिया चालक की जिम्मेदारी होगी कि पीछे बैठे 9 महीने से 4 साल तक के बच्चे को क्रैश हेलमेट पहनाया जाए।