गुजरात सरकार के मंत्री के नाम पर उनके समर्थक ही कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं. इतना ही नहीं, पुलिस ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए उनसे मास्क नहीं लगाने को लेकर पूछताछ कर ली तो उसे बाद में महिला पुलिसकर्मी को इस्तीफा देना पड़ गया. गुजरात सरकार एक तरफ कोरोना महामारी को लेकर लोगों से मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की अपील कर रही है. वहीं प्रदेश सरकार के मंत्री के नाम पर उनके समर्थक ही कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं. इतना ही नहीं, पुलिस ने अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए उनसे मास्क नहीं लगाने को लेकर पूछताछ कर ली तो उसे बाद में इस्तीफा देना पड़ गया. मामला सूरत के वराछा थाना क्षेत्र के मिनी बाजार इलाके का है. जहां शुक्रवार रात करीब 10.30 बजे के करीब स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानानी के समर्थक बिना मास्क लगाए सड़क पर घूम रहे थे.
मौके पर तैनात सुनिता यादव नाम की महिला पुलिस कर्मी ने समर्थकों को रोक कर कर्फ्यू के दौरान बाहर निकलने और मास्क नहीं लगाने को लेकर सवाल पूछे. फिर क्या था समर्थकों ने मंत्री के बेटे को फोन मिला दिया. जिसके बाद मंत्री का लड़का अपने पिता की गाड़ी लेकर समर्थकों के पास पहुंच गया. गाड़ी में पिता का नाम और विधायक पद लिखा था. लेकिन यह महिला पुलिस कर्मी बिना डरे अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए मौके पर डटी रही. उसने अपने सीनियर अधिकारी को फोन किया और सारी वस्तुस्थिति समझाई..
इंस्पेक्टर ने जैसे ही फोन पर मंत्री का नाम सुना, उनके हाथ-पांव फूल गए. उन्होंने महिला सिपाही को घर जाने को कह दिया. क्योंकि सीनियर से ऑर्डर था घर जाने को तो पुलिसकर्मी मौके से रवाना हो गई. लेकिन मंत्री के समर्थकों और उनके बेटे ने महिला सिपाही के साथ बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.
बताया जा रहा है कि महिला पुलिस ने पुलिसिया सिस्टम से तंग आकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है. वहीं दूसरी तरफ सूरत के पुलिस कमिश्नर राजेंद्र ब्रह्मभट्ट ने इस मामले की जांच एसीपी सीके पटेल को सौंप दी है.