अमेरिका चीन के बीच तनातनी के कारण 33 चीनी कंपनियों को अमेरिका ने किया ब्लैकलिस्ट

ravinder General
General

अमेरिका और चीन के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. अमेरिका ने चीन की 33 कंपनियों एवं इंस्टीट्यूट को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. इन कंपनियों पर अल्पसंख्यक समुदाय की जासूसी के लिए बीजिंग की मदद करने और कथित तौर पर चीनी सेना से संबंध रखने का आरोप है.  

अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने यह कदम चीन द्वारा हांगकांग पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने की अपनी योजना का खुलासा करने के एक दिन बाद उठाया है. अपने बयान में विभाग ने कहा है कि मानवाधिकार उल्लंघन, चीन के दमनकारी अभियान में हुए दुर्व्यवहार, मनमाने तरीके से कैद करने, जबरन काम कराने और उइगर समुदाय की उच्च तकनीक द्वारा निगरानी में संलिप्तता के चलते 33 चीनी कंपनियों और संस्थानों को ब्लैकलिस्ट किया गया है.   

अमेरिकी वाणिज्य विभाग के मुताबिक, कम से कम सात शीर्ष टेक कंपनियों को चीन के हाई-टेक्नोलॉजी सर्विलांस को सक्षम करने की मंजूरी मिली हुई थी. जबकि, 24 अन्य कंपनियां, सरकारी संस्थान और वाणिज्यिक संगठन चीनी सेना द्वारा इस्तेमाल किये जाने वाले साजोसामान की खरीद में शामिल थे.

.

2019 में भी इसी तरह के 28 चीनी पब्लिक ब्यूरो और कंपनियों ब्लैकलिस्ट सूची में डाला गया था.  इन कंपनियों पर उइगर समुदाय के साथ दुर्व्यवहार करने का संदेह था. इस सूची में चीन के कुछ टॉप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्टार्टअप और वीडियो निगरानी कंपनी भी शामिल थीं.