चीन ने 1987 के बाद पहली बार सैकेंड लेवल अलर्ट घोषित कर दिया है। सैकेंड लेवल अलर्ट का मतलब फौज को युद्ध के लिए तैयार रहने का संदेश है। इस दौरान तमाम चीनी सैनिकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई है। सैनिकों को हथियारों से लैस कर दिया गया है। वे अब अपने साथ गोली-बारुद लेकर चलेंगे। रक्षा विशेषज्ञों की माने तो सैकेंड लेवल अलर्ट अपने आप में युद्ध की आहट का संदेश है। भारतीय फौज को हर समय किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए।
दरअसल चीन ने फौज को अलर्ट की घोषणा तब की है जब भारत और चीन के बीच एलएसी पर तनातनी चल रही है। इस दौरान चीन ने एलएसी पर गोली न चलाने संबंधी समझौतों को भी हवा में उड़ा दिया है। कुल मिला कर एलएसी पर स्थिति बेहद नाजुक है। दोनों तरफ से फौज का जमावड़ा है। हैरत की बात ये हैं कि इस दौरान सैन्य और कूटनीतिक स्तर पर कई दौर की वार्तालाप भी होती रहीं। बातचीत की आड़ मेें चीन सीमा पर फौज और हथियारों का जमावड़ा करता रहा। भारत भी इस परिस्थ्ािित से आगाह था लिहाजा भारत ने भी तैयारी पूरी कर रखी है।.