नेस्तोनाबूद हुआ ISIS – अमेरिका ने अफगानिस्तान पर गिराया 10 हजार किलो का मदर ऑफ ऑल बॉम्ब!

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अफगानिस्तान – अमेरिका ने अफगानिस्तान में ISIS के आतंकियों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करते हुए दुनिया का सबसे बड़ा नॉन-न्यूक्लियर बम GBU-43 गिराया है। अमेरिका द्वारा गिराए गए इस बॉम्ब का वजन करीब 21,000 पाउंड यानी लगभग 10 हजार किलोग्राम है जिसे मदर ऑफ ऑल बॉम्ब के नाम से भी जाना जाता है। आपको बता दें कि यह अमेरिका का सबसे बड़ा बम है जो भारी नरसंहार कर सकता है। अमेरिका ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान बॉर्डर से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित नंगरहार में ISIS के ठिकाने को निशाना बनाकर यह बॉम्ब गिराया है।

कितना विनाशकारी है मदर ऑफ ऑल बॉम्ब – अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में ISIS के ठिकानों पर अचानक GBU-43 बॉम्ब गिराकर दुनिया को चकित कर दिया है। अमेरिका ने इस बम का परिक्षण 2013 में किया था, जिसके बाद से ये पहली बार है जब अमेरिका ने इसका इस्तेमाल किया है। इससे पहले द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने जापान के हिरोशिमा और नागासाकी शहरों पर परमाणु बम गिराया था। विशेषज्ञों के मुताबिक परमाणु बम के बाद यह सबसे घातक बम है। हालांकि, अमेरिका से चार गुना शक्तिशाली बम रूस के पास है, जिसे फॉदर ऑफ ऑल बॉम्ब के नाम से जाना जाता है। अमेरिका द्वारा गिराया गया यह बम इतना शक्तिशाली है कि इससे धमाके से 300 मीटर के दायरे की जमीन दहल जाती है। हमले से भारत को फायदा, IS का खुरासान मॉड्यूल नष्ट – अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान के नंगरहार में आतंकी संगठन ISIS पर किए गए इस हमले से ISIS का खुरासान मॉड्यूल तबाह हो गया है। जो भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अमेरिका ने जिस जगह को निशाना बनाकर यह हमला किया है, वो जगह आईएस आतंकियों के खुरासान मॉड्यूल का मुख्यालय थी। अमेरिका के इस हमले में सैकड़ों IS आतंकियों समेत 20 भारतीय आतंकियों के मारे जाने की भी खबर है।.

आपको बता दें कि खुरासान अफगानिस्तान का पुराना नाम है। इसी के नाम पर IS ने इस आतंकी मॉड्यूल का गठन किया गया है। IS का खुरासान मॉडयूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का खुला समर्थन करता है और IS इसी मॉड्यूल के जरिए आतंकी तैयार करता है। Us non nuclear bomb on Afghanistan